जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) की एमएए योजना (MAA Yojana) से प्रदेशवासी राज्य के बाहर कैशलेस इलाज करा सकेंगे। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी (Out Bound Portability) शुक्रवार से लागू होगी। तमिलनाडु (Tamil Nadu) व कर्नाटक (Karnataka) को छोड़ अन्य राज्यों में मिलेगी।
Rajasthan: MAA योजना: कल से आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी, बाहर भी इलाज
राजस्थान (Rajasthan) की एमएए योजना (MAA Yojana) से प्रदेशवासी राज्य के बाहर कैशलेस इलाज करा सकेंगे। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी (Out Bound Portability) शुक्रवार से लागू होगी। तमिलनाडु (Tamil Nadu) व कर्नाटक (Karnataka) को छोड़ अन्य राज्यों में मिलेगी।
HIGHLIGHTS
- MAA योजना के तहत अब प्रदेशवासी राज्य के बाहर भी इलाज करा सकेंगे। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुक्रवार से लागू होगी। यह सुविधा तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के हर राज्य में मिलेगी। राजस्थान नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज के माध्यम से यह सुविधा देने वाला देश का पहला राज्य बना।
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मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों को अब राज्य के बाहर भी कैशलेस स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। यह सुविधा शुक्रवार से लागू होगी, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री करेंगे। इस पहल से राजस्थान के लाखों निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रदेशवासी अब तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के हर राज्य में इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
बढ़ेगा अस्पतालों का नेटवर्क
एमएए योजना के सभी पात्र लाभार्थी अब पीएमजेएवाई (PMJAY) एप्लिकेशन के माध्यम से बाहर के सूचीबद्ध अस्पतालों से जुड़ जाएंगे। इससे उन्हें देश भर में इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में राज्य के 1800 अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं।
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इस एकीकरण के बाद प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना से संबद्ध अन्य राज्यों के 31 हजार से अधिक नए अस्पताल भी इस नेटवर्क में शामिल हो जाएंगे। यह विस्तार प्रदेशवासियों के लिए चिकित्सा विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करेगा।
तकनीकी एकीकरण और गोल्डन एपीआई
आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी को लागू करने में तकनीकी पहलुओं के कारण कुछ देरी हुई थी। अब राज्य सरकार की राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) ने नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) के साथ एकीकरण पूरा कर लिया है।
लाभार्थी की पात्रता निर्धारित करने के लिए एक विशेष गोल्डन एपीआई विकसित की गई है। यह जनाधार आईडी, पीएमजेएवाई कार्ड और वय वंदना योजना नामांकन से संबंधित डेटा को मर्ज करता है, जिससे राज्य के लाभार्थी पूरे देश में पात्र हो सकें।
देश का पहला राज्य बना राजस्थान
राजस्थान एनएचसीएक्स के माध्यम से आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी सुविधा प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार ने इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी आवश्यक परीक्षण पूरे कर लिए हैं और इसकी सभी त्रुटियों को भी दूर कर दिया है।
राज्य की एमएए योजना में 25 लाख रुपए तक का इलाज निःशुल्क है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसा नहीं है। इस भिन्नता के बावजूद, तकनीकी एकीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जिससे प्रदेशवासियों को देशव्यापी स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
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