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राज्य

नरसाणा सड़क पर सवाल, सीएम को पत्र: नरसाणा-भंवराणी-धुंधाड़ा सड़क की गुणवत्ता पर पुखराज पाराशर ने उठाए सवाल

ललित पथमेड़ा ललित पथमेड़ा

जालौर (Jalore) जिले में नरसाणा–भंवराणी–धुंधाड़ा सड़क के अधूरे कार्यों और गुणवत्ता पर पुखराज पाराशर (Pukhraj Parashar) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने निर्माण में खामियां बताईं और सुधार की मांग की।

HIGHLIGHTS

  • नरसाणा–भंवराणी–धुंधाड़ा सड़क निर्माण पर गंभीर सवाल। पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र। बाला से भोरड़ा तक सड़क अधूरी, पुल मरम्मत की आवश्यकता। बांडी नहर पुल के स्लोप से दुर्घटनाएं, दो की मौत।
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Pukhraj Parashar letter to chief minister rajasthan

जालौर: जालौर (Jalore) जिले में नरसाणा–भंवराणी–धुंधाड़ा सड़क के अधूरे कार्यों और गुणवत्ता पर पुखराज पाराशर (Pukhraj Parashar) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने निर्माण में खामियां बताईं और सुधार की मांग की।

राजस्थान सरकार की राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) पुखराज पाराशर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जालौर जिले की महत्वपूर्ण नरसाणा–भंवराणी होते हुए धुंधाड़ा–जोधपुर सड़क के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

यह मार्ग जालौर जिले को जोधपुर से जोड़ने वाला एक वैकल्पिक और अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना गया था।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए 56 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी, जिसका शिलान्यास 3 जून 2023 को हुआ था।

पाराशर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, परंतु इसकी गुणवत्ता में कई गंभीर खामियां पाई जा रही हैं।

इन खामियों के कारण क्षेत्र की जनता को इस महत्वपूर्ण मार्ग से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सड़क निर्माण में प्रमुख खामियां

पाराशर ने मुख्यमंत्री का ध्यान तीन प्रमुख समस्याओं की ओर आकर्षित किया है, जो सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

अधूरा सड़क कार्य

बाला ग्राम से भोरड़ा ग्राम तक लगभग 3 से 4 किलोमीटर सड़क का काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घाणा नदी पुल की स्थिति

घाणा नदी पर बना पुल मरम्मत की तत्काल आवश्यकता में है, जो इसकी सुरक्षा और उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पाराशर ने सुझाव दिया है कि यदि यहां एक नया और ऊंचा पुल बनाया जाए तो बरसात के मौसम में होने वाली यातायात बाधा को पूरी तरह से रोका जा सकेगा और आवागमन सुगम होगा।

बांडी नहर पुल का खतरनाक स्लोप

बीजली और घाणा के बीच बांडी नहर पर बने छोटे पुल का स्लोप अत्यधिक ऊंचा है, जिससे वाहनों को गुजरने में भारी परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

हाल ही में इसी स्थान पर हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।

तत्काल सुधार की मांग

पुखराज पाराशर ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इन सभी खामियों को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि क्षेत्र की जनता को सुगम और सुरक्षित मार्ग की सुविधा मिल सके।

उन्होंने जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन हो और जनता को इसका पूरा लाभ मिले।

इस पहल से जालौर और जोधपुर के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

स्थानीय निवासियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है और सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और कब तक इन समस्याओं का समाधान होता है।

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