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विंग कमांडर दीपिका मिश्रा बनीं वीरता पुरस्कार पाने वाली वायुसेना की पहली महिला अफसर

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विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने ’वीरता पुरस्कार’ जीतकर प्रदेश को गौरान्वित किया है। दीपिका मिश्रा ‘वायु सेना पदक’ (वीरता पुरस्कार) पाने वाली भारतीय वायु सेना की पहली महिला अधिकारी बनी हैं।

HIGHLIGHTS

  1. 1 - विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने ’वीरता पुरस्कार’ जीतकर प्रदेश को गौरान्वित किया है।- दीपिका मिश्रा ‘वायु सेना पदक’ (वीरता पुरस्कार) पाने वाली भारतीय वायु सेना की पहली महिला अधिकारी बनी हैं।
rajasthan wing commander deepika mishra became first woman officer of air force to receive gallantry award
Deepika Mishra

जयपुर | राजस्थान की बेटी ने एक बार फिर से ऊंची उड़ान भरी है। विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने ’वीरता पुरस्कार’ (Gallantry Award) जीतकर प्रदेश को गौरान्वित किया है।

दीपिका मिश्रा ‘वायु सेना पदक’ (वीरता पुरस्कार) पाने वाली भारतीय वायु सेना की पहली महिला अधिकारी बनी हैं।

इस दौरान कुल 58 व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान किया गया जिनमें से 57 वायुसेना से और एक सेना से है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि,  राजस्थान के कोटा की निवासी दीपिका मिश्रा हेलीकॉप्टर पायलट हैं। 

बरेली और ऊधमपुर स्थित चेतक और चीता हेलीकॉप्टर शाखाओं में दीपिका 1600 घंटे की उड़ानों का अनुभव रखती हैं।

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने सुब्रतो पार्क में वायुसेना सभागार में आयोजित अलंकरण समारोह में अदम्य साहस का परिचय देने वाले अधिकारियों और वायु योद्धाओं को युद्ध सेवा पदक और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया।

वायुसेनरा प्रवक्ता के अनुसार, वायुसेना के दो अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक, 13 अधिकारियों और वायु योद्धाओं को वायु सेना पदक (वीरता), 13 अधिकारियों को वायु सेना पदक और 30 को विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किये गये।

मध्य प्रदेश में बाढ़ राहत अभियान में दिखाया था अदम्य साहस

दीपिका मिश्रा ने अगस्त 2021 में उत्तरी मध्य प्रदेश में ’मानवीय सहायता और अचानक आई बाढ़ के बाद आपदा राहत अभियान’ के दौरान अपने अदम्य साहस का परिचय दिया था।

इस दौरान उन्होंने महिलाओं और बच्चों सहित 47 लोगों की जान बचाई थी। ये बचाव अभियान 8 दिनों तक चला था।

दीपिका की इस बहादुरी ने न केवल उनकी बहादुरी और साहसिक प्रयासों को उजागर किया बल्कि प्राकृतिक आपदा में असहाय और निर्दोष लोगों की जान भी बचाईं।

दिसंबर 2006 जब दीपिका एयर फोर्स एकेडमी से पासआउट हुईं, तभी से उनकी दिलचस्पी एयरोबैटिक प्रदर्शन दलों ’सूर्य किरण’ और ’सारंग’ में थी।

इसके बाद दीपिका को हेलीकॉप्टर इकाई की चेतक-चीता हेलीकॉप्टर शाखा में नियुक्ति मिली। 

लेकिन महिला शार्ट सर्विस कमीशन के तहत नियुक्त पायलटों को केवल सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर उड़ाने की इजाजत मिलती है।

लेकिन दीपिका को लंबी उड़ान भरनी थी ऐसे में उनकी किस्मत ने उनका साथ दिया और साल 2010 में वायुसेना ने अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव करते हुए महिला पायलटों को डबल-इंजन वाले हेलीकॉप्टरों को उड़ाने की इजाजत दे दी। 

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