जयपुर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (Rajasthan Public Service Commission) (आरपीएससी) ने लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 का परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। यह 7 साल बाद ऑनलाइन आयोजित होगी।
RPSC ऑनलाइन परीक्षा वापसी: RPSC लेक्चरर भर्ती: 7 साल बाद ऑनलाइन परीक्षा, शेड्यूल जारी
राजस्थान लोक सेवा आयोग (Rajasthan Public Service Commission) (आरपीएससी) ने लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 का परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। यह 7 साल बाद ऑनलाइन आयोजित होगी।
HIGHLIGHTS
- RPSC लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 का परीक्षा कार्यक्रम जारी। 7 साल बाद ऑनलाइन माध्यम से फिर शुरू होगी परीक्षा। परीक्षा 12 जनवरी 2026 को 9 पदों के लिए आयोजित होगी। आयोग ने 2011 से 2018 तक 150 से अधिक ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की थीं।
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परीक्षा कार्यक्रम और पदों का विवरण
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 की परीक्षा 12 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
यह महत्वपूर्ण भर्ती कुल नौ पदों के लिए होनी है, जो आयुष विभाग में विशेषज्ञ शिक्षकों की आवश्यकता को पूरा करेगी।
परीक्षा आठ अलग-अलग विषयों को कवर करेगी, जिनमें अगद तंत्र, कायचिकित्सा, पंचकर्म, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, शालाक्य तंत्र, कौमारभृत्य, संहिता (मौलिक सिद्धांत) और स्वस्थवृत्त शामिल हैं।
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इन पदों के माध्यम से राजस्थान के आयुष संस्थानों में शिक्षण गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
आवेदन प्रक्रिया की जानकारी
आरपीएससी ने इन पदों के लिए पात्र आवेदकों से 21 मार्च 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके बाद अब विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया गया है।
आवेदकों को अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।
ऑनलाइन परीक्षा की वापसी और उसका इतिहास
यह भर्ती परीक्षा आरपीएससी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि आयोग 7 साल के अंतराल के बाद एक बार फिर ऑनलाइन (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) माध्यम से परीक्षा आयोजित करने जा रहा है।
आयोग ने वर्ष 2011 में ऑनलाइन परीक्षाओं की शुरुआत की थी और 2018 तक इनका सफलतापूर्वक आयोजन किया था।
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2018 के बीच 150 से अधिक ऑनलाइन परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं थीं, जो इस माध्यम की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं।
इन परीक्षाओं में प्रति सत्र अभ्यर्थियों की अधिकतम संख्या 15 हजार तक पहुंच गई थी, जिससे ऑनलाइन माध्यम की व्यापक स्वीकार्यता और उपयोगिता सिद्ध हुई थी।
पारदर्शिता हेतु विकसित सॉफ्टवेयर
ऑनलाइन परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने 2013 में 'माई एग्जाम-माई ऑनलाइन रिव्यू यस' नामक एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया था।
यह अभिनव सॉफ्टवेयर अभ्यर्थियों को अपनी ऑनलाइन परीक्षा की समीक्षा करने का अनूठा अवसर प्रदान करता था, जो उस समय एक नई पहल थी।
इस सुविधा से परीक्षा प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता आई थी और अभ्यर्थियों का आयोग की कार्यप्रणाली पर विश्वास बढ़ा था, जिससे निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हुआ।
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