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पायलट की राहुल के साथ कदम ताल: मानगढ़ धाम में गहलोत सरकार का विरोध भूल, कांग्रेस सरकार रिपीट का ऐलान

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दोनों मंच तक साथ-साथ पहुंचे। इस दौरान दोनों ही नेताओं के चहेरे पर खुशी इस कदर झलक रही थी कि बीते दिनों कुछ खींचतान हुई ही नहीं हो।  सियासी गलियारों में चली चर्चाओं के मुताबिक, कई बार पायलट ने गहलोत से विरोध को लेकर दिल्ली कुछ भी किया और राहुल गांधी से मुलाकात करने की कोशिश भी की। हालांकि नतीजा जीरो ही रहा।

HIGHLIGHTS

  • दोनों मंच तक साथ-साथ पहुंचे। इस दौरान दोनों ही नेताओं के चहेरे पर खुशी इस कदर झलक रही थी कि बीते दिनों कुछ खींचतान हुई ही नहीं हो।  सियासी गलियारों में चली चर्चाओं के मुताबिक, कई बार पायलट ने गहलोत से विरोध को लेकर दिल्ली कुछ भी किया और राहुल गांधी से मुलाकात करने की कोशिश भी की। हालांकि नतीजा जीरो ही रहा।
sachin pilot at mangarh dham of banswara announced repeat to congress govt in rajasthan
Sachin Pilot - Rahul Gandhi

जयपुर | लंबे समय बाद एक बार फिर से सचिन पायलट की राहुल गांधी के साथ कदम ताल देखने को मिली और इस बार इसका साक्षी बना बांसवाड़ा का मानगढ़ धाम।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर अपने चुनावी दौरे के लिए राजस्थान आए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी का स्वागत राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने स्वागत किया।

दोनों मंच तक साथ-साथ पहुंचे। इस दौरान दोनों ही नेताओं के चहेरे पर खुशी इस कदर झलक रही थी कि बीते दिनों कुछ खींचतान हुई ही नहीं हो। 

सीएम गहलोत से पायलट की खींचतान किसी से छिपी नहीं रही है। सियासी गलियारों में चली चर्चाओं के मुताबिक, कई बार पायलट ने गहलोत से विरोध को लेकर दिल्ली कुछ भी किया और राहुल गांधी से मुलाकात करने की कोशिश भी की। हालांकि नतीजा जीरो ही रहा।

ऐसे में बीते दिन दोनों नेताओं को एकसाथ इस कदर खुश देखकर कुछ लोगों को तो अजीब भी लगा होगा। खैर! ये भी तो एक सियासी दांव ही होगा।

राजस्थान में विधानसभा चुनावों को देखते हुए पहले ही पार्टी आलाकमानों ने सीएम गहलोत और सचिन पायलट के बीच चली आ रही खींचतान को एक पाठशाला के जरिए खत्म कर दिया था। 

इसके बाद भले ही दोनों एक दूसरे पर बयानबाजी करने से बच रहो, लेकिन उतने करीब भी दिखाई नहीं देते जितने पहले तक थे।

मानगढ़ में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सचिन पायलट ने मंच से भले ही भाजपा और केंद्र सरकार को जमकर कोसा हो, लेकिन सीएम गहलोत से पायलट की कुर्सी काफी दूर दिखाई दी। 

इसी के साथ पायलट हर बार की तरह अपनी कांग्रेस की गहलोत सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, महिला अपराधों और कानून व्यवस्था  पर एक शब्द भी बोलने से बचते दिखे।
बल्कि सचिन तो गहलोत की तरह ही राजस्थान में एक बार फिर से कांग्रेस सरकार रिपीट होने की बात कहते दिखे।

क्या ये राहुल गांधी का असर था या फिर कुछ ओर ?

पहले तक गहलोत सरकार पर सवाल उठाने वाले सचिन पायलट ने मानगढ़ के मंच से गरजते हुए कहा कि हमारी पार्टी की जो नीति रही है, हमारा जो मेनिफेस्टो रहा उसपर हमने काम किया है। 

मेरा विश्वास है कि आज की महारैली के बाद कांग्रेस का झंडा पूरे देश में लहरेगा और राजस्थान में हम अपनी सरकार दोबारा बनाएंगे।

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