बेंगलुरु | आखिरकार कर्नाटक में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रही कशमकश समाप्त हो गई है और लड़ाखड़ाती दिख रही कांग्रेस को लाठी का सहारा मिल गया है।
लड़ाखड़ा कर संभली कांग्रेस: सिद्धारमैया को सीएम का ताज, शिवकुमार को इस पद में रहना होगा संतुष्ट, आगे के लिए संकेत अच्छे नहीं !
भले ही डीके शिवकुमार कर्नाटक के डिप्टी सीएम पद के लिए राजी हो गए हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि जिस तरह से राजस्थान की राजनीति गहलोत और पायलट के बीच वर्चस्व की लड़ाई से सुगल रही है कहीं आगे चलकर वैसा ही हाल कर्नाटक का नहीं हो जाए।
HIGHLIGHTS
- भले ही डीके शिवकुमार कर्नाटक के डिप्टी सीएम पद के लिए राजी हो गए हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि जिस तरह से राजस्थान की राजनीति गहलोत और पायलट के बीच वर्चस्व की लड़ाई से सुगल रही है कहीं आगे चलकर वैसा ही हाल कर्नाटक का नहीं हो जाए।
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कांग्रेस के दिग्गज नेता और कर्नाटक के लोकप्रिय सिद्धारमैया को अगले मुख्यमंत्री के लिए फाइनल कर दिया गया है।
वहीं, विधानसभा चुनावों के बाद से पार्टी की मुश्किल बढ़ाने वाले डीके शिवकुमार को आखिरकार डिप्टी सीएम के पद से ही संतोष करना होगा।
20 मई को बेंगलुरु में होगा शपथ ग्रहण
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके सिद्धारमैया एक बार फिर से सीएम का ताज पहनने जा रहे हैं।
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सिद्धारमैया 20 मई को बेंगलुरु में दोपहर 12.30 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे।
इसी के साथ 20 मई को ही शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
उनके शपथ ग्रहण की तैयारियां भी जोरों पर चल रही है।
#WATCH | Indian Youth Congress National President, Srinivas BV felicitates DK Shivakumar after he is designated as Karnataka Deputy CM pic.twitter.com/Gwkv1hs4YH
बढ़ाई गई सुरक्षा
ऐसे में लोगों को ये भी डर सता रहा है कि, कहीं डीके शिवकुमार के समर्थक भड़क न जाए और कुछ गलत न कर दे। ऐसे में सिद्धारमैया के आवास के बाहर भारी सुरक्षाबल तैनात कर दी गई है।
इसी के साथ डीके शिवकुमार के आवास के बाहर भी सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
कहीं राजस्थान जैसे नहीं हो जाए हालात
भले ही डीके शिवकुमार कर्नाटक के डिप्टी सीएम पद के लिए राजी हो गए हो, लेकिन आगे उनकी क्या रणनीति रहती है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि जिस तरह से राजस्थान की राजनीति गहलोत और पायलट के बीच वर्चस्व की लड़ाई से सुगल रही है कहीं आगे चलकर वैसा ही हाल कर्नाटक का नहीं हो जाए।
क्योंकि, राजस्थान में भी सीएम फेस को लेकर काफी दिन तक पार्टी आलाकमानों को कशमकश करनी पड़ी थी। जिसके बाद किसी तरह से मनाकर सचिन पायलट को डिप्टी सीएम का पद सौंपा गया था, लेकिन इसके बाद में जो हालात बने वे किसी से छिपे नहीं हैं।
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