अहमदाबाद | अहमदाबाद के नेहरूनगर में शनिवार को गोली मारकर की गई सब्जी व्यापारी बदाराम घांची (66) की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक के भतीजे अशोक मोदी का भी नाम शामिल है। पुलिस के अनुसार, अशोक मोदी ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपने चाचा की हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी।
25 लाख में भतीजे ने मरवाया: सिरोही के व्यापारी की हत्या भतीजे ने सुपारी देकर करवाई
पुलिस आयुक्त मलिक ने बताया कि अशोक मोदी ने इस हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी, लेकिन अब तक सिर्फ 75 हजार रुपए ही चुकाए गए थे।
HIGHLIGHTS
- हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश: अशोक मोदी ने अपने चाचा की हत्या कराने के लिए 25 लाख की सुपारी दी थी, लेकिन इसमें से 75 हजार रुपए ही चुकाए गए थे। पुलिस के अनुसार, बदाराम और उनके बड़े भाई खेताराम मोदी के बीच सिरोही के मंडवाड़ा स्थित 40 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपए थी।
- चार आरोपी गिरफ्तार: अहमदाबाद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अशोक मोदी, अन्नू राजपूत, कुलदीप परमार, और अंकित भदौरिया। इनमें अन्नू राजपूत को सुपारी देने वाला और कुलदीप परमार को शूटर के तौर पर शामिल किया गया था।
- भागते समय गिरफ्तारी: वारदात को अंजाम देकर मोटरसाइकिल से भाग रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने मध्य प्रदेश के रतलाम के पास पकड़ा। इस गिरफ्तारी में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का उपयोग किया।
- सुपारी की आंशिक रकम: पुलिस ने बताया कि 25 लाख की सुपारी में से अभी तक केवल 75 हजार रुपए ही चुकाए गए थे।
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गिरफ्तार आरोपी
इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अशोक मोदी के अलावा, अन्नू राजपूत, कुलदीप परमार और अंकित भदौरिया को भी गिरफ्तार किया गया है। तीन आरोपी हत्या को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने मध्य प्रदेश के रतलाम के पास गिरफ्तार किया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस आयुक्त का बयान
अहमदाबाद शहर के पुलिस आयुक्त जी.एस. मलिक ने सोमवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इस हत्याकांड की जड़ पारिवारिक विवाद है। पुलिस के अनुसार, बदाराम और उनके बड़े भाई खेताराम मोदी के बीच सिरोही के मंडवाड़ा स्थित 40 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपए थी। एक वर्ष पूर्व बदाजी मोदी के भाई खेताराम की भी हत्या हो गई थी, जिसमें शक की सुई बदाजी मोदी पर गई थी। पुलिस अब इस हत्याकांड के पीछे छिपे अन्य कारणों की भी जांच कर रही है।
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हत्या की साजिश
पुलिस ने बताया कि बदाजी मोदी की हत्या की साजिश उनके भतीजे अशोक मोदी ने रची थी। अशोक ने हत्या की सुपारी यूपी के कानपुर के निवासी अन्नू राजपूत (24) को दी थी। इसके अलावा, शूटर के रूप में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के कुलदीप परमार (22) को बुलाया गया, जो फिलहाल अहमदाबाद के मेम्को क्षेत्र में रह रहा था। अंकित भदौरिया (21), जो भिंड जिले के अटेर तहसील का निवासी है, ने इस हत्या को अंजाम देने में विभिन्न तरीकों से कुलदीप और अन्नू की मदद की।
हत्या के बाद फरार
पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुलदीप और अन्य आरोपी ने नेहरूनगर स्थित बदाजी मोदी की सब्जी की दुकान पर जाकर उन पर फायरिंग की और मोटरसाइकिल से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बदाजी मोदी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
सुपारी की रकम
पुलिस आयुक्त मलिक ने बताया कि अशोक मोदी ने इस हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी, लेकिन अब तक सिर्फ 75 हजार रुपए ही चुकाए गए थे।
आगे की जांच जारी
पुलिस फिलहाल इस मामले में सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है और पता लगा रही है कि क्या अन्य कोई भी व्यक्ति या कारण इस हत्याकांड में शामिल हो सकता है।
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