जयपुर। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती नेहा गिरि ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुगमतापूर्वक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत प्रत्येक रोगी को उसकी आवश्यकता अनुसार सभी दवाएं उपलब्ध हों।

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इसमें किसी स्तर पर कोई कमी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इसके लिए दवाओं की खरीद एवं आपूर्ति के प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।
श्रीमती गिरि, प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के संबंध में बुधवार को राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (सीफू) में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित कर रही थीं। इस एक दिवसीय कार्यशाला विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा औषधि भण्डार गृहों के जिला कार्यक्रम समन्वयकों ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि दवाओं की अनुपलब्धता के संबंध में फार्मासिस्ट प्रत्येक दिन अपने संस्थान के चिकित्साधिकारियों को भी अवगत कराए। इससे चिकित्सकों को रोगियों की दवाओं के अन्य विकल्प लिखने में मदद मिलेगी। उन्होंने दवाएं अनुपलब्ध होने की स्थिति में आवश्यकतानुसार समय रहते स्थानीय स्तर पर खरीद कर मरीज को दवा उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।
श्रीमती गिरि ने कहा कि जिलों में संचालित जिला औषधि भण्डार गृहों एवं विभिन्न स्तर के अस्पतालों में स्थापित दवा वितरण केन्द्रों में आवश्यक दवा सूची में शामिल समस्त औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाये।
साथ ही उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले के अस्पतालों में औषधियों की उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग करने पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में उपकरणों की मेंटेनेंस को लेकर भी गंभीरता बतरने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के प्रभारी डॉ. रामबाबू जयसवाल ने निःशुल्क दवा एवं जांच योजना के प्रबंधन एवं क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
आरएमएससी की डॉ. कल्पना व्यास ने दवा योजना के तहत सप्लाई, लॉजिस्टिक चैन एवं प्रोक्योरमेंट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. संजय पारीक ने औषधि एवं प्रसाधन, गुणवत्ता, फार्मेसी संबंधित मुद्दों, विक्रम सांखला ने ई-औषधि सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी प्रदान की।