जयपुर। पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री (dairy minister) जोराराम कुमावत ने कहा कि पशुओं एवं पशुपालकों के कल्याण के प्रति सरकार की समर्पित सोच और नीतियों के कारण आज पशुपालन रोजगार का एक जरिया बनकर उभर रहा है। राज्य में लाखों लोगों को कृषि एवं पशुपालन (animal husbandry) से रोजगार प्राप्त हो रहा है।
राजस्थान: पशुपालन मंत्री ने तरल नाइट्रोजन परिवहन वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
ग्रामीण स्तर पर संवाद के जरिये पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार को दिया बढ़ावा जाएगा |
HIGHLIGHTS
- पशुपालन रोजगार का एक जरिया बनकर उभर रहा है राज्य में लाखों लोगों को कृषि एवं पशुपालन से रोजगार प्राप्त हो रहा है आने वाले बजट सत्र में पशुओं और पशुपालकों के कल्याण के लिए नई और अभिनव योजनाओं को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
संबंधित खबरें
पशुपालन मंत्री ने राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड (Rajasthan Livestock Development Board) के तत्वावधान में 15 तरल नाइट्रोजन परिवहन वाहनों की विधिवत पूजा कर उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तरल नाइट्रोजन पशु नस्ल सुधार के लिए किए जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान में काम आता है।
इस अवसर पर कुमावत ने कहा कि भारत सरकार (Indian government) की शत प्रतिशत वित्त पोषित के तहत 15 जिलों को नाइट्रोजन परिवहन वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिससे तरल नाइट्रोजन के वितरण की व्यवस्था को सुगम और सुदृढ़ बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि इन वाहनों में पहली बार जारों को उठाने और रखने के लिए पूली व्यवस्था (pulley system) करवाई गई है जिससे विभागीय कर्मचारियों को अधिक वजन उठाने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। साथ ही जार के खराब होने की संभावना भी कम रहेगी।
उन्होंने बताया कि तरल नाइट्रोजन के भण्डारण व्यवस्था (storage system) को सुदृढ़ बनाए जाने के लिए वाहन आपूर्ति के आवश्यकतानुसार राज्य के 13 जिलों में 3 हज़ार लीटर क्षमता के नवीन साइलों की भी स्थापना की कार्यवाही की जा रही है।
संबंधित खबरें
कुमावत ने कहा कि सरकार गौवंश की सेवा के लिए कृतसंकल्पित है, आने वाले बजट सत्र (budget session) में पशुओं और पशुपालकों के कल्याण के लिए नई और अभिनव योजनाओं को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जिसके लिए ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों, अधिकारियों और अन्य लाभार्थियों से निरंतर संवाद किया जा रहा है।
15 जिलों को पूर्व में उपलब्ध करवाए गए तरल नाइट्रोजन परिवहन वाहनों की 15 वर्ष की अवधि पूरी हो गई थी इसीलिए इन 15 जिलों भीलवाड़ा, नागौर, कोटा, कुचामन सिटी, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, बूंदी, झालावाड़, पाली, जालौर, सिरोही, चुरू, जयपुर, दौसा और झुंझुनू को नए वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाहनों का क्रय भारत सरकार की 100 प्रतिशत वित्त पोषित योजना के तहत स्वीकृत राशि से किया गया है।
इस अवसर पर पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) के निदेशक डॉ भवानी सिंह राठौड़, राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ पी सी भाटी, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ सुरेशचंद मीना सहित विभाग के अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे।
ताज़ा खबरें
राजस्थान भाजपा की नई मीडिया टीम घोषित: मदन राठौड़ के निर्देश पर संभाग और जिला प्रभारियों की नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट
मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राजस्थान में 1019 नए आयुष केंद्रों को मिली मंजूरी, गांव-गांव तक पहुचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर: महिला कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप, राखी राठौड़ ने कांग्रेस के 'झूठ' और 'भ्रम' की राजनीति को बेनकाब किया
राज्यसभा में गूंजी नीरज डांगी की दहाड़: महंगाई, बेरोजगारी और गिरते रुपये पर मोदी सरकार को जमकर घेरा, पूछे तीखे सवाल