Jaipur | अरविन्द मायाराम के यहां सीबीआई के छापे पड़े हैं जो सीएम अशोक गहलोत के अधिकृत सलाहकार हैं। इन पर आरोप है कि नोट छापने के मामले में 1688 करोड़ के टेंडर घोटाले में मायाराम की भी माया शामिल रही है।
राजनीतिक माया, अब छापे का साया: कौन है अरविंद मायाराम, क्या है करंसी टेंडर घोटाले की माया और अशोक गहलोत सरकार से कनेक्शन
जांच में कहा जा रहा है कि अरविन्द मायाराम भारतीय करंसी छपाई के लिए दिए गए टेंडर में अनियमितता में शामिल थे। सीबीआई के एक सूत्र ने कहा कि अब तक की छापेमारी में कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
HIGHLIGHTS
- छापे को लेकर राजनीतिक कयास भी चरम पर है, बजट से पहले सीएम के खास आर्थिक विशेषज्ञ पर हुई कार्यवाही के कई मायने निकाले जा रहे हैं
- केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम के परिसरों की तलाशी में जुटी है. जयपुर में ही नहीं बल्कि दिल्ली में भी ये छापेमारी चल रही है
- अरविंद फाइनेस में पीएचडी हैं। यूपीए सरकार में वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान मायाराम को ग्रामीण विकास मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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अरविन्द भारत के पूर्व वित्त सचिव रह चुके हैं और इनकी माता इंदिरा मायाराम सांगानेर से दो बार विधायक, महिला आयोग की चेयरमैन और सीएम गहलोत के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं।
इससे पहले सीबीआई सीएम गहलोत के खासमखास और अब आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ के यहां भी रेड कर चुकी है। परन्तु वहां मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा की बदौलत सीबीआई के हाथ कुछ नहीं लगा था।
नोट छापने के टेंडर में भ्रष्टाचार के मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम के परिसरों की तलाशी में जुटी है. जयपुर में ही नहीं बल्कि दिल्ली में भी ये छापेमारी चल रही है। बतौर केंद्रीय वित्त सचिव नोट छापने का टेंडर ब्लैक लिस्टेड फर्म को देने का आरोप है।
जांच में कहा जा रहा है कि अरविन्द मायाराम भारतीय करंसी छपाई के लिए दिए गए टेंडर में अनियमितता में शामिल थे। सीबीआई के एक सूत्र ने कहा कि अब तक की छापेमारी में कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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फिलहाल केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। अकेले मायाराम ही नहीं है जिनकी जांच चल रही है। बल्कि वित्त मंत्रालय और आरबीआई के कुछ अधिकारियों की इस जांच में कुंडली खंगाली जा रही है।
अरविंद मायाराम ने 2012-14 के दौरान भारत के वित्त सचिव के रूप में काम किया है। वे फाइनेस में पीएचडी हैं। यूपीए सरकार में वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान मायाराम को ग्रामीण विकास मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
मायाराम ने इससे पहले 1978 में भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की थी। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं. वे विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के बोर्डों में भारत के वैकल्पिक गवर्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं।
वह ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार थे। यही नहीं G-20 के फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप के सह-अध्यक्ष थे।
मायाराम अन्य पदों के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड और भारतीय जीवन बीमा निगम के बोर्ड का हिस्सा रह चुके हैं।
छापे को लेकर राजनीतिक कयास भी चरम पर है। बजट से पहले सीएम के खास आर्थिक विशेषज्ञ पर हुई कार्यवाही के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
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