जयपुर | जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार बम धमाके कर राजधानी को दहलाने वाले आरोपियों को गहलोत सरकार बख्शने के मूड में नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट करेगा न्याय: जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों को बरी करने के फैसले को गहलोत सरकार की चुनौती
न्यायालय के इस फैसले के बाद से जयपुर के लोगों में भारी रोष और दुख है। बम ब्लास्ट के पीड़ित परिवारों का दर्द और गुस्सा फुट पड़ा है। हर ओर से आरोपियों को सजा की मांग उठ रही है।
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- न्यायालय के इस फैसले के बाद से जयपुर के लोगों में भारी रोष और दुख है। बम ब्लास्ट के पीड़ित परिवारों का दर्द और गुस्सा फुट पड़ा है। हर ओर से आरोपियों को सजा की मांग उठ रही है।
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जयपुर बम ब्लास्ट में चार आरोपियों को राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले से नाराज गहलोत सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है।
इस संबंध में खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार इस मामले में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करेगी।
गौरतलब है कि, राजस्थान उच्च न्यायालय ने जयपुर ब्लास्ट मामले की जांच में गंभीरता नहीं दिखाने और सबूतों का अभाव मानते हुए इन आरोपियों को बरी कर दिया है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में निचली अदालत के फांसी की सजा के फैसले को रद्द करते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया था।
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न्यायालय के इस फैसले के बाद से जयपुर के लोगों में भारी रोष और दुख है। बम ब्लास्ट के पीड़ित परिवारों का दर्द और गुस्सा फुट पड़ा है। हर ओर से आरोपियों को सजा की मांग उठ रही है।
ऐसे में गहलोत सरकार भी एक्शन में है। जिसके चलते सीएम गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक की गई और यह फैसला किया गया।
बैठक में सीमए गहलोत ने कहा कि 2019 के जिला न्यायालय के फैसले को पलटते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी किया है, लेकिन राज्य की जनता और सरकार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के पक्ष में हैं।
जिसके चलते राज्य सरकार अब जल्द ही उच्च न्यायालय के फैसले के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करेगी।
उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षण के बाद जयपुर बम ब्लास्ट के मामले में हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील का फैसला लिया है। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ वकील लगाकर पीड़ितों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी।
सरकार ने की अतिरिक्त महाधिवक्ता की सेवाएं समाप्त
ये बैठक केवल यहीं तक सीमित नहीं रही। सीएम ने इस केस में पैरवी के लिए नियुक्त अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेन्द्र यादव की सेवाओं को भी समाप्त करने का फेसला लिया है।
बैठक के बाद सीएम गहलोत ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि- उच्च स्तरीय बैठक में जयपुर बम ब्लास्ट के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील का फैसला लिया है। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ वकील के द्वारा पीड़ितों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी।
गौरतलब है कि, राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार हुए आठ बम धमाकों में कम से कम 71 लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक घायल हुए थे। इन आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ने जयपुर शहर को हिला दिया था।
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