Lucknow | हाथरस हादसे के बाद पहली बार भोले बाबा, उर्फ सूरजपाल, ने शनिवार सुबह न्यूज़ एजेंसी ANI से बात की। उन्होंने कहा, "हम 2 जुलाई की भगदड़ की घटना के बाद से बहुत दुखी हैं। हमें और संगत को इस दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति दें। सभी शासन और प्रशासन पर भरोसा रखें। हमें विश्वास है कि जो भी उपद्रवी हैं, वो बख्शे नहीं जाएंगे। मृतकों के परिजन और घायलों की मदद हमारी कमेटी करेगी।"
Uttar Pradesh: हाथरस हादसे के बाद भोले बाबा का पहला बयान
हाथरस हादसे के बाद पहली बार भोले बाबा, उर्फ सूरजपाल, ने शनिवार सुबह न्यूज़ एजेंसी ANI से बात की। उन्होंने कहा, "हम 2 जुलाई की भगदड़ की घटना के बाद से बहुत दुखी हैं। हमें और संगत को इस दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति दें। सभी शासन और प्रशासन पर भरोसा रखें। हमें विश्वास है कि जो भी उपद्रवी हैं, वो बख्शे नहीं जाएंगे। मृतकों
HIGHLIGHTS
- इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लापरवाही और बदइंतजामी के कारण हुए इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। अब सभी की निगाहें SIT और न्यायिक आयोग की जांच पर हैं, जिससे उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।
संबंधित खबरें
भोले बाबा का यह बयान मुख्य आरोपी और सेवादार देव प्रकाश मधुकर की गिरफ्तारी के बाद आया है। देव प्रकाश ने शुक्रवार देर रात दिल्ली के एक अस्पताल में पुलिस के सामने सरेंडर किया। इसकी पुष्टि भोले बाबा के वकील एपी सिंह ने की। एपी सिंह ने कहा, "देव प्रकाश हार्ट का मरीज है। तबीयत ठीक नहीं थी। यूपी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया था।"
मायावती का बयान
हाथरस हादसे पर बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। शनिवार सुबह उन्होंने कहा, "भोले बाबा समेत जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में सरकार को राजनीतिक स्वार्थ में नहीं पड़ना चाहिए।"
SIT की जांच और रिपोर्ट
संबंधित खबरें
हाथरस हादसे की जांच कर रही SIT ने शुक्रवार को कहा कि भगदड़ लापरवाही और बदइंतजामी की वजह से हुई। अफसर हालात समझने में फेल हुए। रिपोर्ट में जिले के प्रमुख अफसरों समेत 90 लोगों के बयान लिए गए हैं। अभी तक जो सबूत मिले हैं, उनमें आयोजक दोषी साबित होते हैं। एसआईटी प्रमुख अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कहा कि साजिश के पहलू से इनकार नहीं किया जा सकता है।
न्यायिक आयोग भी कर रहा जांच
2 जुलाई को हाथरस के सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में हुई भगदड़ में 123 लोगों की मौत हुई है। इनमें 113 महिलाएं और 7 बच्चियां शामिल हैं। इस केस की जांच तीन स्तरों पर हो रही है। SDM रविंद्र कुमार ने 24 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी थी। वहीं, योगी सरकार ने तीन सदस्यीय SIT बनाई है और न्यायिक आयोग का भी गठन किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव आयोग के अध्यक्ष हैं। आयोग 2 महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
राहुल गांधी का बयान
हाथरस में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "मैं सरकार से यही कहना चाहूंगा कि जो मुआवजे का ऐलान किया गया, उसे देने में लापरवाही न हो। साथ ही हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, पीड़ितों को न्याय मिले।"
गुरुवार शाम को भोले बाबा के वकील एपी सिंह भी घायलों से मिलने अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा, "भोले बाबा फरार नहीं हैं। वह यूपी में ही हैं। जब जांच टीम बुलाएगी, वे आ जाएंगे।"
ताज़ा खबरें
मोदी सरकार की योजनाओं से राजस्थान में 15 लाख से अधिक महिलाएं हुईं सशक्त: मदन राठौड़
IPL 2026 Schedule: आईपीएल के दूसरे चरण का शेड्यूल जारी, 13 अप्रैल से 24 मई तक होंगे 50 मैच, जानें कब भिड़ेंगे MI और CSK
जोधपुर में ISIS का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: सोशल मीडिया पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाला 19 साल का जीशान गिरफ्तार, 'BENX' ग्रुप से फैला रहा था कट्टरपंथ
जोधपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले- 'प्रभु श्रीराम सनातन के गौरव और भारत की आत्मा', संत राजाराम जी के 144वें जन्मोत्सव में हुए शामिल
thinQ360