जयपुर | Phone Tapping Case: राजस्थान में सामने आए फोन टैपिंग मामले को लेकर लगता है कि अब जांच एजेंसियों में भी मुकाबला शुरू हो गया है।
क्राइम ब्रांच ने कसा शिकंजा: सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा दिल्ली तलब, क्या हो सकती है गिरफ्तारी
संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला मामले में राजस्थान की जांच एजेंसियां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर अपना शिकंजा कस रही हैं तो वहीं दूसरी ओर, फोन टैपिंग मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है।
HIGHLIGHTS
- संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला मामले में राजस्थान की जांच एजेंसियां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर अपना शिकंजा कस रही हैं तो वहीं दूसरी ओर, फोन टैपिंग मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है।
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दरअसल, जहां संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला मामले में राजस्थान की जांच एजेंसियां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर अपना शिकंजा कस रही हैं तो वहीं दूसरी ओर, फोन टैपिंग मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने राजस्थान सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा पर अपना शिकंजा कसते हुए उनकी मुश्किल बड़ा दी हैं
फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए ओएसडी लोकेश शर्मा को क्राइम ब्रांच ने दिल्ली तलब किया है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने लोकेश शर्मा को सोमवार यानि आज पेश होने का नोटिस जारी किया है।
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ऐसे में आज लोकेश शर्मा दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश होना है और उनके तीखे सवालों का जवाब भी देना है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने लोकेश शर्मा को सातवीं बार नोटिस दिया है। जिसके बाद सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा देर रात जयपुर से दिल्ली पहुंच गए। अब आज उनकी पेशी होनी है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच पहले भी तीन बार इस मामले में उनसे लंबी पूछताछ कर चुकी है।
हालांकि लोकेश शर्मा दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी से बचे हुए है। दरअसल, गिरफ्तारी से बचने के लिए लोकेश शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी तब दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
करना चाहती है गिरफ्तार!
वहीं दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी लगाई हुई है।
जिसमे हवाला दिया गया है कि लोकेश शर्मा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करना जरूरी है। इसलिए इनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाया जाए।
बता दें कि, इस मामले में चार दिन बाद यानि 24 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। जिसमें यह तय हो जाएगा कि लोकेश शर्मा को गिरफ्तार किया जाए या रोक लगी रहे।
तो ये है पूरा मामला
जुलाई 2020 में सचिन पायलट गुट द्वारा वर्चस्व की लड़ाई के दौरान गहलोत सरकार पर आए राजनीतिक संकट के बीच फोन टैपिंग का मामला सामने आया था।
तब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इस ऑडियो पर कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार की ओर से आरोप लगाया गया था कि भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत गहलोत सरकार गिराने की साजिश रच रहे हैं। इस ऑडियो को वायरल करने का आरोप सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा पर है।
ऐसे में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
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