जयपुर | RPSC पेपर लीक मामले में पूरे देश में किरकिरी होने के बाद अब एसीबी ने एक और नई भर्ती में रिश्वत के खेल का भंडाफोड़ करते हुए राजनीतिक सरगरमी को बड़ा दिया है।
राहुल गांधी के साथ फोटोज वायरल: केसावत गिरफ्तार तो कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला, डोटासरा बोले....
अब कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त गोपाल केसावत (Gopal Kesawat) की गिरफ्तारी ने प्रदेश की गहलोत सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
HIGHLIGHTS
- अब कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त गोपाल केसावत (Gopal Kesawat) की गिरफ्तारी ने प्रदेश की गहलोत सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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एसीबी ने RPSC की 15 मंई को हुई अधिशासी (EO) भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले को उजागर कर दिया है।
भाजपा पहले ही लगातार पेपर लीक (Paper Leak) में गहलोत सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाती रही है।
अब कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त गोपाल केसावत (Gopal Kesawat) की गिरफ्तारी ने प्रदेश की गहलोत सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अब ये नया मामला सामने आने के बाद राजस्थान भाजपा भी गहलोत सरकार के खिलाफ और अधिक तरीके से आक्रामक हो गई है।
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भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा पहले से ही गहलोत सरकार पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
अब पेपर लीक मामले में ACB के हत्थे चढ़े घूसखोर गोपाल केसावत की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगी है।
रिश्वत कांड में पकड़े गए राज्य मंत्री गोपाल केसावत की कुछ तस्वीरें ऐसी भी है जिनमें वे राहुल गांधी के साथ भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेता लगातार इन तस्वीरों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने झाड़ा पल्ला
गोपाल केशावत के रिश्वत कांड में गिरफ्तार होने के बाद कांग्रेस ने खुद को उनसे अलग कर लिया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उनसे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि केसावत पार्टी में पदाधिकारी नहीं है।
उन्हें पार्टी से पहले ही निकाला जा चुका है, जबकि दो दिन पहले ही गोपाल केसावत जयपुर में कांग्रेस के मौन सत्याग्रह में मंच पर बैठकर चरखे पर सूत कातते हुए दिखाई दिए थे।
गोपाल केसावत
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कौन है गोपाल केसावत?
कांग्रेस पार्टी के नेता गोपाल केसावत पिछली अशोक गहलोत सरकार में राजस्थान राज्य विमुक्त, घुमंतू व अर्द्धघुमंतू कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष थे।
तब उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया हुआ था। उन्होंने तत्कालीन पीसीसी चीफ डॉ चंद्रभान की टीम में भी काम किया था।
उस दौरान सियासी पद पर रहते हुए गोपाल केसावत ने बड़ा सम्मेलन किया था। साथ ही साल 2014 में नशे के विरुद्ध अभियान भी चलाया था।
बेटी के अपहरण के मामले को लेकर भी रहे चर्चा में
कांग्रेस नेता केसावत पिछले दिनों बेटी के अपहरण के मामले को लेकर भी चर्चा में रहे। उन्होंने जयपुर में बेटी के अपहरण का मामला पुलिस में दर्ज कराया था।
हालांकि, उनकी बेटी ने साफ कर दिया था कि वो अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी।
पायलट की पैदल यात्रा में चले थे उनके साथ
इसी के साथ हाल ही में केसावत पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की अजमेर से जयपुर पैदल यात्रा में भी उनके साथ दिखाई दिए थे।
प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए कांग्रेस के राज्य विमुक्त, घुमंतू व अर्धघुमंतू कल्याण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन गोपाल केसावत RAS -2021 भर्ती परीक्षा पास कराने के एवज में 18.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए इनकी गिरफ्तारी राज्य की सबसे बड़ी परीक्षा में… pic.twitter.com/ITdbEAUzHu
ऐसे खुला केसावत का राज
एसीबी ने शुक्रवार रात सीकर में तीन आरोपियों को 18.50 लाख रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया था।
इसके बाद उनसे पूछताछ में मुख्य आरोपी राज्य घुमंतु जातिकल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत के नाम का खुलासा हुआ।
केसावत ने जयपुर के प्रताप नगर आवास पर इसमें से 7.50 लाख लिए थे।
जिसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए उसे भी गिरफतार कर लिया।
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