भरतपुर | राजस्थान के भरतपुर जिले में एक मां की ममता का दर्द ऐसा झलका की इसने कई लोगों के दिलों को झकझौर कर रख दिया।
मेरी बेटी को पाल लो, अहसान होगा: 5 दिन की बच्ची को अस्पताल में छोड़ गई मां, साथ में छोड़ी दूध की बोतल और एक पत्र, लिखा था...
मां की मजबूरी तो देखिए 5 दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची को हॉस्पिटल में छोड़कर चली गई। वो भी इसलिए कि उसके ससुराल वाले उसे परेशान न करे। आखिर क्या बीत रही होगी उस मां पर जिसने उस बच्ची को 9 महीने अपनी कोख में रखा और जन्म होते ही मजबूरी वश उसे त्यागना पड़ा।
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- मां की मजबूरी तो देखिए 5 दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची को हॉस्पिटल में छोड़कर चली गई। वो भी इसलिए कि उसके ससुराल वाले उसे परेशान न करे। आखिर क्या बीत रही होगी उस मां पर जिसने उस बच्ची को 9 महीने अपनी कोख में रखा और जन्म होते ही मजबूरी वश उसे त्यागना पड़ा।
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इस मां की मजबूरी तो देखिए 5 दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची को हॉस्पिटल में छोड़कर चली गई।
वो भी इसलिए कि उसके ससुराल वाले उसे परेशान न करे। आखिर क्या बीत रही होगी उस मां पर जिसने उस बच्ची को 9 महीने अपनी कोख में रखा और जन्म होते ही मजबूरी वश उसे त्यागना पड़ा।
इस दुखीयारी मां ने अपनी नवजात बच्ची के पास दूध की बोतल और कुछ कपड़े भी रखे ताकि भूख लगने और गिला होने पर कोई भी इसे बदल सके।
मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को दूर करने से पहले उसके साथ में एक लेटर भी छोड़ा।
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जिसमें अपनी व्यथा लिखते हुए बताया कि- मेरी सास परेशान करती है। बेटी को पाल लेना, अहसान होगा।
ये मामला भरतपुर में मथुरा गेट थाना इलाके में स्थित जनाना अस्पताल परिसर का है। जहां बीती गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे किसी बच्ची के रोने की आवाज आई तो उसके परिजनों को ढूंढा गया, लेकिन मिला तो सिर्फ एक पत्र।
क्या लिखा था पत्र में ?
अपनी बेटी को इस हालत में छोड़कर जाने वाली मां ने पत्र में लिखा था कि, मुझे पहले से ही 6 लड़कियां हैं।
जिसके चलते मेरी सास परेशान करती है। इसी वजह से मैंने यह कदम उठाया है। मेरी बेटी को पाल लो, तुम्हारा अहसान होगा। मुझे माफ कर दो।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश में जुटी हुई है।
वहीं, बच्ची अभी भरतपुर अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती है। इस बच्ची को देख कर वहां मौजूद दूसरे लोगों का भी दिल भर आता है।
अस्पताल के डॉक्टर हिमांशु गोयल के अनुसार, नवजात बच्ची का वजन 2 किलो के करीब है। बच्ची को बिना ऑक्सीजन के रखा गया है।
बच्ची के सभी तरह के टेस्ट करवाए गए हैं। उसी के अनुसार, उसका इलाज किया जाएगा।
खुले में बेंच पर रो रही थी बच्ची
बताया जा रहा है कि ससुराल वालों से बच्ची को अस्पताल में छोड़कर जाने वाली मां ने नवजात को एक बेंच पर लेटा दिया और वहां से फरार हो गई।
खुले में लेटी बच्ची को जब मच्छरों ने काटना शुरू किया तो वह रोने लगी। जिसकी आवाज सुनकर लोगों ने अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
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