जयपुर | करणी सेना के संस्थापक स्व. लोकेन्द्र सिंह कालवी को जयपुर में सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस मौके कहा कि वे कालवी के निधन के बाद उनकी पगड़ी रस्म पर कालवी आने वाले थे, परन्तु न्यायिक कार्य के चलते वे वक्त नहीं निकाल पाए।
क्या होगा करणी सेना का भविष्य: क्या भवानी कालवी का हाथ थामेंगे ब्रजभूषण, तो यह बोले छह बार के सांसद
सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने स्व. लोकेन्द्रसिंह कालवी के बड़े पुत्र ठाकुर भवानी सिंह कालवी से मुलाकात की और स्व. कालवी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। आपको बता दें कि लोकेंद्र सिंह कालवी स्वर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाने वाले पहले नेता हैं।
HIGHLIGHTS
- सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने स्व. लोकेन्द्रसिंह कालवी के बड़े पुत्र ठाकुर भवानी सिंह कालवी से मुलाकात की और स्व. कालवी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
- आपको बता दें कि लोकेंद्र सिंह कालवी स्वर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाने वाले पहले नेता हैं।
संबंधित खबरें
वैशाली नगर स्थित कालवी हाउस में जब ब्रजभूषण पहुंचे तो हमारे साथी लोकेन्द्र ने उनसे बात की। राजपूत समाज के बड़े नेता के तौर पर उन्होंने कालवी को व्याख्यित किया और कहा कि उन्होंने सामाजिक आंदोलनों को हमेशा ही प्रभावी तरीके से चलाया है।
इस मौके पर उन्होंने स्व. लोकेन्द्रसिंह कालवी के बड़े पुत्र ठाकुर भवानी सिंह कालवी से मुलाकात की और स्व. कालवी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
उनसे जब पूछा गया कि कभी पूर्व पीएम चन्द्रशेखर ने कालवी का हाथ थामा था, क्या वह कमी अब बृजभूषण सिंह पूरी करेंगे तो उन्होंने कहा कि राजपूत समाज ही उनको आगे बढ़ाएगा।
संबंधित खबरें
ब्रजभूषण शरण सिंह दो दिवसीय सामाजिक दौरे पर रहे और उन्होंने श्रीनाथजी के दर्शन भी किए।
आपको बता दें कि लोकेंद्र सिंह कालवी स्वर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाने वाले पहले नेता हैं।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अकेले जातिगत आरक्षण से समाज के गरीब और असहाय परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता है।
कालवी का मानना था कि किसी व्यक्ति की आर्थिक और सामाजिक स्थिति केवल उसकी जाति से निर्धारित नहीं की जा सकती है।
कालवी की आर्थिक कसौटी पर आधारित आरक्षण की मांग ने स्वर्ण समाज में एक नई चेतना ला दी। उनकी प्रेरणा से आर्थिक आधार पर आरक्षण का मुद्दा उभर कर सामने आया हैए जिसका लाभ स्वर्ण जातियों को मिला।
भारत में आरक्षण नीति लंबे समय से बहस और विवाद का विषय रही है। जबकि कुछ का तर्क है कि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए यह आवश्यक हैए दूसरों का मानना है कि यह जाति व्यवस्था को कायम रखता है और सच्चा सामाजिक न्याय लाने में प्रभावी नहीं है।
आर्थिक मानदंडों के आधार पर आरक्षण की मांग करने का कालवी का दृष्टिकोण सही दिशा में सराहनीय कदम रहा है। क्योंकि यह गरीबी और सामाजिक असमानता के मूल कारण को संबोधित करता है।
स्वर्ण समाज के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के प्रति लोकेन्द्र सिंह कालवी का योगदान सच्चा सामाजिक न्याय प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जाति के बजाय आर्थिक मानदंड पर आधारित समाज की उनकी दृष्टि एक प्रगतिशील विचार है जिसे व्यापक रूप से अपनाया जाना चाहिए।
ताज़ा खबरें
मोदी सरकार की योजनाओं से राजस्थान में 15 लाख से अधिक महिलाएं हुईं सशक्त: मदन राठौड़
IPL 2026 Schedule: आईपीएल के दूसरे चरण का शेड्यूल जारी, 13 अप्रैल से 24 मई तक होंगे 50 मैच, जानें कब भिड़ेंगे MI और CSK
जोधपुर में ISIS का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: सोशल मीडिया पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाला 19 साल का जीशान गिरफ्तार, 'BENX' ग्रुप से फैला रहा था कट्टरपंथ
जोधपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले- 'प्रभु श्रीराम सनातन के गौरव और भारत की आत्मा', संत राजाराम जी के 144वें जन्मोत्सव में हुए शामिल
thinQ360