कोटा । कोटा बूंदी रोड पर राष्ट्रीय मार्ग राजमार्ग के किनारे ग्राम कैथूदा, तुलसी जिला बूंदी में अज्ञात कार्य से कोटा विकास प्राधिकरण ने राव सूरजमल हाडा की ऐतिहासिक छतरी को भी ध्वस्त कर दिया। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के लोगों में आक्रोष है। तुलसी गांव एवं कैथूदा निवासी सुरेंद्र सिंह, सत्यनारायण गुर्जर, हंसराज सिंह, लक्ष्मण सिंह, बद्री लाल धाकड़, अब बाबूलाल, सरपंच हंसराज बंजारा, भारत सिंह आदि ने बताया कि ऐतिहासिक छतरी राव सूरजमल की है जिसे अपना गौरवशाली इतिहास रहा है उन्होंने बताया कि शनिवार को ग्रामीण बूंदी जिला कलेक्टर कार्यालय पर 11 बजे प्रदर्शन करेंगे। राव सूरजमल हाड़ा की छतरी ,तुलसी,बून्दी- (1527-1531) तुलसी गाँव के पास स्थित यह छतरी राव नारायणदास के परमवीर पुत्र राव सूरजमल हाड़ा की है।
बूंदी कलेक्टरी पर होगा प्रदर्शन: राव सूरजमल हाडा की छतरी ध्वस्त
HIGHLIGHTS
- राणा सांगा के पुत्र रतन सिंह व राव नारायणदास के पुत्र सूरजमल हाड़ा के मध्य युद्ध हुआ था। चारण साहित्य के अनुसार राव सूरजमल के हाथ घुटनो तक आते थे,इसलिए उन्हें आजानुबाहु कहा जाता है। केडीए की कार्रवाई से आक्रोष
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यहाँ राणा सांगा के पुत्र रतन सिंह व राव नारायणदास के पुत्र सूरजमल हाड़ा के मध्य युद्ध हुआ था।चारण साहित्य के अनुसार राव सूरजमल के हाथ घुटनो तक आते थे,इसलिए उन्हें आजानुबाहु कहा जाता है।राव सूरजमल की बहन सूजा बाई का विवाह रतन सिंह से सम्पन्न हुआ था।बून्दी-मेवाड़ सीमावर्ती राज्य होने से सर्वाधिक वैवाहिक सम्बन्ध भी इनमें ही होते थे तथा छोटी सी बातों में युद्ध भी।

एक समय राव सूरजमल के द्वारा किया गया मजाक राणा रतन सिंह ऐसा चुभा की राणा रतन सिंह उसे भुला न सके।राणा रतन सिंह ने उसे स्वयं का अपमान समझ उसका प्रतिशोध लेने की ठान ली। वे शिकार के बहाने बून्दी आये और राव सूरजमल को अकेले ही तुलसी के जंगलों में शिकार के लिए ले गए। जहाँ रतन सिंह ने पहले ही कुछ सेना छिपा रखी थी। तुलसी के जंगलों में जैसे ही सूरजमल शिकार की होदी में चढ़ने लगे तभी उन पर सेनिको ने तीरों व भालो से प्रहार कर दिया। घायल बून्दी नरेश मूर्छित हो गिर पड़े,तभी रतन सिंह उनके समक्ष आकर कहने लगे कि क्या यही है बून्दी का शेर कुछ क्षणों में सूरजमल जी की मूर्छा टूटी व घायल राव सूरजमल ने रतन सिंह पर शीघ्र ही कटार से प्रहार कर रतन सिंह का वध कर दिया तथा उनके साथी सेनिको को मारकर कर स्वयं भी वीरगति को प्राप्त हुए।
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जब सूरजमल जी जीवित थे और उनके मरने की खबर बून्दी महल में पहुची तो उनकी माँ ने अपने दूध को किले की दीवार पर फेका तो दीवार में दरार आ गयी थी।वह शिला आज भी महलो में स्थित है।राव सूरजमल हाड़ा की छतरी तुलसी गाँव मे स्थित है जिसके नाम 14 बिस्वा परिसर व 13 बीघा जमीन बल्लोप में दर्ज है। जमीन पर वर्षों से लोगों का कब्जा है।राव सूरजमल पर एपिक नामक टीवी चैनल पर "रक्त" नामक सीरियल प्रकाशित हो चुका है।
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