माउंट आबू: सिरोही जिले (Sirohi District) के माउंट आबू (Mount Abu) स्थित प्रसिद्ध रघुनाथजी मंदिर (Raghunathji Temple) में शनिवार सुबह दो जंगली भालू (wild bears) घुस गए, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया। मंदिर के पुजारी और कर्मचारियों ने शोर मचाकर उन्हें भगाया।
माउंट आबू: माउंट आबू के रघुनाथजी मंदिर में घुसे दो भालू, मचा हड़कंप
सिरोही जिले (Sirohi District) के माउंट आबू (Mount Abu) स्थित प्रसिद्ध रघुनाथजी मंदिर (Raghunathji Temple) में शनिवार सुबह दो जंगली भालू (wild bears) घुस गए, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया। मंदिर के पुजारी और कर्मचारियों ने शोर मचाकर उन्हें भगाया।
HIGHLIGHTS
- माउंट आबू के रघुनाथजी मंदिर में घुसे दो जंगली भालू। सुबह आरती से पहले हुई घटना, मंदिर परिसर में मचा हड़कंप। पुजारी और कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए भालुओं को भगाया। खाने की तलाश में मंदिर तक पहुंचे थे भालू, कोई जनहानि नहीं।
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माउंट आबू के रघुनाथजी मंदिर में भालुओं का प्रवेश
राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल माउंट आबू से शनिवार सुबह एक अनोखा और रोमांचक नजारा सामने आया है।
नक्की झील के किनारे स्थित भगवान श्रीराम के प्राचीन रघुनाथजी मंदिर में सुबह की आरती शुरू होने से ठीक पहले दो जंगली भालू अचानक पहुंच गए।
मंदिर परिसर के भीतर भालुओं की अप्रत्याशित मौजूदगी ने वहां मौजूद पुजारी और अन्य कर्मचारियों को कुछ समय के लिए भयभीत कर दिया था।
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इस अप्रत्याशित घटना के कारण मंदिर परिसर में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया था।
यह घटना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।

खाने की तलाश में मंदिर तक पहुंचे भालू
यह पूरी घटना शनिवार सुबह लगभग 6 बजे की है, जब मंदिर को भक्तों के लिए खोलने की तैयारियां अंतिम चरण में थीं।
पहाड़ी रास्ते से होते हुए दो बड़े भालू धीरे-धीरे मंदिर परिसर की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए।
कुछ देर तक दोनों भालू मंदिर के खुले क्षेत्र में चहल-कदमी करते रहे थे।
वे आसपास के क्षेत्र का बहुत बारीकी से निरीक्षण कर रहे थे, मानो वे किसी खाने की तलाश में जुटे हुए हों।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये जंगली भालू मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार तक भी पहुंच गए थे, जो कि एक चिंताजनक स्थिति थी।
उनकी यह हरकत यह दर्शाती है कि वे भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों के करीब आ रहे हैं।
पुजारी और कर्मचारियों का साहसपूर्ण कार्य
सौभाग्यवश, उस समय मंदिर में केवल मुख्य पुजारी और कुछ सेवादार कर्मचारी ही मौजूद थे, और कोई श्रद्धालु उपस्थित नहीं था।
उपस्थित लोगों ने अपनी सूझबूझ, सजगता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल कार्रवाई की।
उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया और अपने हाथों में मौजूद डंडों को जमीन पर पीटकर आवाज की, जिससे भालू डर गए।
इस प्रभावी तरीके से उन्होंने दोनों जंगली भालुओं को सफलतापूर्वक मंदिर परिसर से बाहर की ओर भगा दिया।
थोड़ी ही देर में, डरकर भागे हुए दोनों भालू वापस जंगल की सुरक्षित दिशा में लौट गए।
इस घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, जो एक बड़ी राहत की बात है।
माउंट आबू में बढ़ी वन्यजीवों की आवाजाही
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ समय से माउंट आबू क्षेत्र में जंगली भालुओं की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
यह स्थिति वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच बढ़ते टकराव की संभावना को दर्शाती है।
भालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण अब वन विभाग को भी अपनी सतर्कता बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
वन विभाग की टीम को इस पूरी घटना की विस्तृत सूचना तत्काल प्रभाव से दे दी गई है।
यह इसलिए किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक और ठोस कदम उठाए जा सकें।
यह वही ऐतिहासिक रघुनाथजी मंदिर है जहां भगवान श्रीराम अकेले विराजमान हैं।
इस पवित्र मंदिर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं, जिससे इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।
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