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राजस्थान

Rajasthan : चिकित्सा विभाग में 50 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य - मुख्यमंत्री  

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HIGHLIGHTS

  • हम ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना पर काम करते हुए उत्कृष्ट एवं खुशहाल राजस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री नेे कहा कि चिकित्सक अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं तथा आगामी बजट के लिए इनके द्वारा दिए गए सुझाव आमजन के लिए लाभकारी हैं
target of recruitment on 50 thousand posts in the medical department   chief minister sharma

जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि चिकित्सक संवेदनाओं के साथ कर्तव्य का निर्वहन करते हुए स्वस्थ राजस्थान की हमारी संकल्पना को साकार करने में अहम भागीदारी निभा रहे हैं। प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

हम ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना पर काम करते हुए उत्कृष्ट एवं खुशहाल राजस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री नेे कहा कि चिकित्सक अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं तथा आगामी बजट के लिए इनके द्वारा दिए गए सुझाव आमजन के लिए लाभकारी हैं।


 शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

चिकित्सा के महत्व को समझते हुए हमनें गत बजट में कुल बजट का रिकॉर्ड 8.26 प्रतिशत चिकित्सा के लिए आवंटित किया। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु मृत्यु दर, टीकाकरण, चिकित्सा संस्थानों की उपलब्धता सहित कई मानकों में राजस्थान का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर कर रही कार्य—
 शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पिछले एक साल में अनेक कदम उठाए गए हैं।

आमजन को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) के माध्यम से 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 73 डे केयर पैकेज, शिशुओं के उपचार के लिए 419 पीडियाट्रिक पैकेज, 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैशलेस उपचार जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, मा वाउचर योजना से गर्भवती महिलाओं को अधिकृत निजी सोनोग्राफी केंद्रों से सोनोग्राफी कराने की नि:शुल्क सेवा दी जा रही है। 

अब तक 6 करोड़ लोगों की बनी आभा आईडी—

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का हैल्थ रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में करीब 6 करोड़ लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। इसमें राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार सीएचसी, पीएचसी, एसएचसी, ब्लॉक पब्लिक हैल्थ यूनिट सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण करवाया गया है। प्रदेश में 11 हजार 571 संस्थान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में क्रियाशील किए जा चुके हैं, इनसे करोड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं। 

चिकित्सा विभाग में 50 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य—

 शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 21 हजार पदों पर नियुक्ति दी हैं। चिकित्सा विभाग में लगभग 50 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य है, जिसे हम जल्द पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि आमजन के लिए ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीमेडिसिन की सुविधा, 1 लाख 67 हजार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की गई है। राज्य को टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लिए ‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत’ अभियान आयोजित किया जा रहा है।

प्रदेश को बनाया जा रहा विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाओं का हब—

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इसी क्रम में जयपुर में जल्द ही आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त कार्डियक टॉवर की सुविधा मिलेगी, जहां हृदय रोगों का विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध होगा। साथ ही, प्रतापनगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल को एम्स की तर्ज पर रिम्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा ''शुद्ध आहार- मिलावट पर वार'' अभियान के तहत मिलावटखोरों पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘मा’ योजना से आमजन को बहुत लाभ मिल रहा है। साथ ही, सरकार ने डिजिटल हैल्थ टेक्नोलॉजी, टेलीमेडिसिन, आभा आईडी, मेडिकल स्टाफ में भर्ती सहित विभिन्न कार्य किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हम सभी के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान के संकल्प को गति मिलेगी। 

बैठक में चिकित्सकों ने प्रदेश में ट्रांसप्लांट सर्विस को और विकसित करने, हैल्थ सेक्टर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को और बढ़ाने, हैल्थ रिसर्च में बढ़ोतरी, मेडिकल ट्यूरिज्म और हैल्थ सेक्टर में ट्रेनिंग, आमजन में हैल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। 

इस दौरान मुख्य सचिव  सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त  अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड सहित विभागीय अधिकारी एवं महावीर विकलांग समिति, महावीर कैंसर हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, आईएमए राजस्थान ब्रांच, राजस्थान डेंटल काउंसिल, मारवाड मेडिकल कॉलेज, आरयूएचएस, आरोग्य भारती, रेडक्रॉस सोसायटी, नारायण सेवा संस्थान सहित के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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