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राजस्थान

’आप’ का हमला: घोषणाएं करके हेलिकॉप्टर सीएम बन गए हैं गहलोत, ज़मीनी हकीकत से हैं कोसों दूर 

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आप के प्रदेश महासचिव विश्वेंद्र सिंह ने गहलोत सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई राहत कैंप लगाया और होर्डिंग-पोस्टर के जरिए पूरे प्रदेश में अपनी योजनाओं का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन उन्होंने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश नहीं की। 

HIGHLIGHTS

  • आप के प्रदेश महासचिव विश्वेंद्र सिंह ने गहलोत सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई राहत कैंप लगाया और होर्डिंग-पोस्टर के जरिए पूरे प्रदेश में अपनी योजनाओं का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन उन्होंने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश नहीं की। 
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Vishvender Singh

जयपुर | राजस्थान में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद के नेताओं के विरोध का सामने कर रही कांग्रेस सरकार पर अब आम आदमी पार्टी (आप)
ने भी हमला बोला है। 

आप के प्रदेश महासचिव विश्वेंद्र सिंह ने गहलोत सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महंगाई राहत कैंप लगाया और होर्डिंग-पोस्टर के जरिए पूरे प्रदेश में अपनी योजनाओं का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन उन्होंने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश नहीं की। 

आधी आबादी चूल्हे में बना रही खाना

सीएम गहलोत ने भले ही बीपीएल गैस और उज्जवला योजना में शामिल कनेक्शन धारकों को 500 रुपए में सिलेंडर देने की बात कर रहे हो, लेकिन सच्चाई ये है कि प्रदेश में 60 प्रतिशत से ज्यादा घरों में आज भी सिलेंडर नहीं है और उन घरों में चूल्हे में खाना बनता है। 

उन्होंने कहा कि आज भी राजस्थान में आधी आबादी चूल्हे में खाना बना रही है। 

प्रदेश की गहलोत सरकार सिर्फ घोषणाएं करने में माहिर है लेकिन उसे जमीन पर उतारकर अमली जामा कैसे पहनाना है ये सरकार को नहीं आता। 

सरकार के इस मिसमैनेजमेंट का दंश आज जनता झेल रही है।

विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान शौचालय योजना की बात करते हैं लेकिन प्रदेश में 29 प्रतिशत से ज्यादा परिवार ऐसे हैं जहां आज भी शौचालय नहीं है। 

10 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा 45 प्रतिशत से ज्यादा लोगों के पास राजस्थान में अब भी पक्के मकान नहीं हैं। 

इतना ही नहीं 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनके पास संपत्ति के नाम पर कुछ नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि राजस्थान में अब भी 15 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गरीब है, जबकि 34 प्रतिशत आबादी को पूरा पोषण नहीं मिल पा रहा है। 

दुर्भाग्य है कि जिस राज्य की जनता इतनी समस्याओं से जूझ रही हो वहाँ पर प्रदेश के मुखिया ने कभी अपनी योजनाओं की समीक्षा करने की कोशिश नहीं की। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्राथमिकता पर जनता नहीं सत्ता की कुर्सी है औऱ वो जनता को भूलकर उसी चुनावी उधेड़बुन में व्यस्त हैं। 

अब जनता अशोक गहलोत की मेहनत देख चुकी है और इस बार जनता ने उन्हें सरकार से बेदखल करके राहत देने का काम करेगी। 

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