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जालोर

Rajasthan: भारत सरकार ने तीन साल का एमओयू किया, राज्य सरकार ने एनयूएलएम कार्मिक हटाए

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HIGHLIGHTS

  • पूर्व विधायक संयम लोढा ने एक्स पर पोस्ट कर भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच दोहरे रवैये पर सवाल उठाया
government of india signs three year mou state government removes nulm personnel
Sanyam Lodha

सिरोही। राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत प्रदेशभर में लगाए कार्मिकों की कार्य अवधि समाप्त होने के आदेश पर पूर्व विधायक संयम लोढा ने एक्स पर पोस्ट कर भारत सरकार व राज्य सरकार के आदेश में दोहरे रवैये पर सवाल उठाया है।

निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग जयपुर राजस्थान सरकार ने एनयूएलएम योजना के तहत एचआर एजेंसी के अनुबंधित कार्मिकों के कार्य अवधि के संबंध में गत 18 नवंबर को प्रदेशभर के निकायों को एक आदेश जारी किया, जिसमें एचआर एजेंसी की कार्य अवधि 30 नवंबर को समाप्त होने का हवाला दिया।

इस आदेश में बताया कि भारत सरकार द्वारा उक्त योजना की अवधि बढाने के संबंध में किसी भी प्रकार का कोई भी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए एनयूएलएम योजना के तहत एचआर एजेंसी शक्ति को-आॅपरेटिव सोसायटी लिमिटेड जयपुर के समस्त अनुबंधित कार्मिकों की कार्य अवधि समाप्त हो गई है।

पूर्व विधायक संयम लोढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर राजस्थान सरकार के इस आदेश को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जब भारत सरकार के शहरी मामलात मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ एनयूएलएम को लेकर तीन साल के समझौते पर पिछले साल हस्ताक्षर कर लिए थे, फिर सरकार द्वारा इस तरह की चिटटी जारी करके इसमें कार्यरत सैकडों लोगों को रोजगार से वंचित क्यों किया जा रहा है?

लोढा ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार के शहरी मामलात मंत्री एमएल खटटर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ध्यान आकृष्ट करके आग्रह किया है कि किसी भी तरह के शासकीय आदेश को जारी करने से पहले इसकी पृष्ठ भूमि की अच्छे से जांच की जाए और सत्तासीन करने वालों की रोजी रोटी ने छीने।

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