जयपुर । राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 नजदीक है और सीटों पर टिकट पाने के लिए सभी नेता अपना तिकड़म लगाने में जुटे हुए है।
सीएम गहलोत का युवाओं को सियासी ज्ञान: कहा- आलाकमान का फैसला दिल पर पत्थर रखकर मानना पड़ता है
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीति के साथ-साथ बयानों के भी जादूगर हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए युवाओं को एक और सिख दी। उन्होंने कहा कि, युवाओं को जल्दबाज़ी में कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आलाकमान का फैसला दिल पर पत्थर रखकर भी मानना पड़ता है।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीति के साथ-साथ बयानों के भी जादूगर हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए युवाओं को एक और सिख दी। उन्होंने कहा कि, युवाओं को जल्दबाज़ी में कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आलाकमान का फैसला दिल पर पत्थर रखकर भी मानना पड़ता है।
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ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भी युवाओं को सियासी ज्ञान देते नजर आए।
राजधानी जयपुर में गुरूवार को राजस्थान प्रदेश यूथ कांग्रेस (Youth Congress meeting) की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक आयोजित हुई।
पंचायती राज संस्थान सभागार में हुई इस बैठक के एक सत्र में सीएम गहलोत मुख्य अतिथि रहे।
इस दौरान सीएम गहलोत ने युवा कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उनमें जोश भरा और उन्हें सियासी ज्ञान भी बांटा।
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उन्होंने कहा कि सेवादल, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के बिना कांग्रेस कुछ नहीं है।
सीएम गहलोत ने युवाओं की राजनीति में भूमिका को लेकर अपने विचार रखे।
भले ही सीनियर नहीं छोड़े पद, आप जताते रहे अपना हक
उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि, आपको अपना महत्त्व समझना चाहिए। अपना हक़ मांगना चाहिए।
चुनावों में टिकट के लिए भी दावेदारी करनी चाहिए। भले ही सीनियर लोग जगह नहीं छोड़ना चाहें, लेकिन आपको अपना हक जताना चाहिए।
सीएम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र टिकट वितरण में भी युवाओं को तरजीह दी जानी चाहिए।
सीएम गहलोत ने पार्टी में युवा कार्यकर्ताओं को सत्ता से लेकर संगठन तक ज्यादा से ज्यादा पदों पर अवसर दिए जाने की बात कही।
प्रदेश कार्यकारिणी बैठक । राजस्थान युवा कांग्रेस https://t.co/KDE2tpgUAh
बातों-बातों में साध गए निशाना!
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीति के साथ-साथ बयानों के भी जादूगर हैं।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए युवाओं को एक और सिख दी।
उन्होंने कहा कि, युवाओं को जल्दबाज़ी में कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए।
कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आलाकमान का फैसला दिल पर पत्थर रखकर भी मानना पड़ता है।
दिल बहुत कोमल होता है पर उसपर भी पत्थर रखना भी ज़रूरी रहता है।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के समय मेहनत करने वाला ही सफल होता है।
सीएम गहलोत के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है कि ये बयान पायलट को लेकर किया गया है।
अब खैर! जैसा भी हो, लेकिन सीएम गहलोत ने युवाओं को सियासी गुरू मंत्र तो दे ही दिया।
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